सैलरी अटक जाएगी, OTP बताओ, और फिर CM की पत्नी के खाते से निकाल लिए 23 लाख

झारखंड के जामताड़ा ने साइबर क्राइम हब की एक कुख्यात लेकिन अलग पहचान बनाई है. संथाल परगना क्षेत्र में स्थित यह जिला पूर्व में भी अपराध के लिए मशहूर रहा है. यहां जालसाजों ने रेल यात्रियों को लूटने का कुटीर उद्योग विकसित किया था. इन वर्षों में अपराध का तरीका बदल गया है, लेकिन आसान तरीकों से निर्दोष लोगों से पैसों की लूट जारी है.
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अब यहां के लुटेरों ने पुराने तरीकों को त्यागकर नए तरीके अपना लिए हैं. रेल यात्रियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ कम हो गई है और तकनीक की मदद से लोगों के साथ धोखाधड़ी कर उनकी मेहनत की कमाई को छीनने का एक अभिनव तरीका विकसित किया गया है. धोखाधड़ी का यह आइडिया इंटरनेट से मिला है और एक बार फिर साइबर क्राइम का एक हाइप्रोफाइल मामला चर्चा में है. इस बार धोखे का शिकार पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी और सांसद परनीत कौर हुई हैं, जिनके खाते से 23 लाख से ज्यादा की रकम निकाल ली गई.
लगभग 7 दिन पहले जामताड़ा के अता उल अंसारी नाम के मास्टरमाइंड ने संसद सत्र के दौरान परनीत कौर को फोन किया. खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का मैनेजर बताते हुए मास्टरमाइंड ने परनीत को मैसेज भेजकर एटीएम की जानकारी और ओटीपी नंबर मांगा, साथ ही कहा कि अगर समय रहते जानकारी नहीं भेजी तो सैलरी अटक जाएगी. मास्टरमाइंड ने परनीत को कहा कि उनकी सैलरी जमा करनी है जिसके लिए उसे उनके खाते की जानकारी की तुरंत आवश्यकता है. इसके बाद उसने परनीत कौर से एटीएम की पूरी जानकारी और ओटीपी नंबर लेकर खाते से 23 लाख रुपए उड़ा लिए.
इसके बाद परनीत कौर ने पुलिस में इस ठगी की शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी झारखंड के जामताड़ा का है. पंजाब पुलिस ने जामताड़ा के एसपी अंशुमान से संपर्क किया. इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर काम किया और सफलता हासिल की. उन्होंने आरोपी ठग को जामताड़ा के करमतार गांव से पकड़ा और रिमांड पर लिया.