गमगीन माहौल में चल रहा था मृत्युभोज की तैयारी, तभी आचानक हुआ कुछ ऐसा की खुशी से झूम उठे लोग..!

संसार में आये दिन अजीबोगरीब घटनाएं सुनने को मिलती रहती है। कभी कभी तो घटनाएं इतनी अजीब होती है कि इनके ऊपर विश्वास करना भी कठिन होता है। आज भी हम आपको एक ऐसी ही घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में जानकर आप परेशान रह जाएंगे।

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पारिवारिक झगड़ों से परेशान होकर 45 वर्षीय किसान, हासन तालुका के शंखा गांव के रहने वाले शिवन्ना ने 16 जून को घर छोड़ दिया था। इसके बाद वह बेंगलुरु में अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंच गया। शिवन्ना के परिवार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 16 जून को जब शिवन्ना घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। उसके बाद, 18 जून को शिवन्ना की पत्नी ने पुलिस स्टेशन में उसके लापता होने की शिकायत दाखिल कराई।

उसी दिन हासन बस टर्मिनस से पुलिस को एक सड़ी-गली लाश मिली। पुलिस ने उसकी पहचान के लिए शिवन्ना के परिवार को बुलाया। शव की पहचान करने पहुंची किसान की पत्नी उसकी पहचान नहीं कर सकी। वास्तव में, शरीर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण इसे पहचानना मुश्किल था। शव के शरीर पर कपड़े शिवन्ना के कपड़ों से मेल नही खा रहे थे। लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए दबाव डाला कि शव क्षतिग्रस्त है, इसलिए परिवार शिवन्ना को नहीं पहचान पा रहा है।

28 जून के ग्यारहवें दिन आयोजित होने वाले मृत्युभोज के दिन परिवार को पता चला कि शिवन्ना एक रिश्तेदार के साथ बैंगलोर में रह रहा है। वे रविवार को रिश्तेदार के घर पहुंचे। शिवन्ना ने परिवार के सदस्यों को बताया कि वह केवल यहां समय बिता रहा था। पहले तो परिवार को आश्चर्य हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने खुशी जाहिर की। इसके बाद पुलिस को भी विषय की जानकारी मिली। पुलिस गांव में पहुंची और गलती से दफन किये गए शव को बाहर निकलवाया। अब पुलिस के लिए शव एक पहेली बन चुका है। जबकि पुलिस अब शव की शिनाख्त कराने की बात कह रही है।