जन्मदिन पर अर्थी उठने की तैयारी, एक दिन पहले ही रूठ गई जिंदगी..!

रविवार यानी आज हर्षिता का जन्मदिन मनाया जाना था किन्तु किसी को क्या पता जन्म दिन पर ही उसकी अर्थी उठने वाली है। उसके जन्म दिन के लिए मायके में तैयारी हो गई थी। परिजनों ने शुक्रवार को फोन करके बेटी को घर आने के लिए कहा था। इसके बाद हर्षिता ने पति से मायके जाने की इच्छा जताई थी। शनिवार दोपहर बर्थ डे के एक दिन पहले उसकी मौत की समाचार से परिजनों में कोहराम मच गया।

अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से गिरकर हुई मौत


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कोहना क्षेत्र के एलनगंज स्थित एल्डोराडो अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल पर 706 नंबर फ्लैट मंधना स्थित अनुशील फिलामेंट प्राइवेट लिमिटेड फर्म के मालिक सुशील अग्रवाल का है। 24 जनवरी 2017 को उनके बेटे उत्कर्ष अग्रवाल की शादी काकादेव मोती विहार सोसायटी निवासी कागज कारोबारी पद्म अग्रवाल की छोटी बेटी 27 वर्षीय हर्षिता से हुई थी। शनिवार की दोपहर तकरीबन साढ़े 12 बजे हर्षिता किचन के बराबर वाली खिड़की से नीचे गिर गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

रिश्तेदार और सहेलियां घटना से स्तब्ध

मायके से आए रिश्तेदारों के साथ हर्षिता की सहेलियां भी घटना से स्तब्ध थीं। बहन गीतिका व चचेरे भाइयों ने आरोप लगाया कि हर्षिता ससुराल में खुश नहीं थी। पिछले महीने वह पति के साथ अमेरिका घूमकर आई थी। सोचा था कि लौटने पर सब ठीक हो जाएगा किन्तु ऐसा नहीं हुआ। सास व ससुर का बर्ताव नहीं बदला। रविवार को आज उसका बर्थ डे था और घर में तैयारियां भी की गई थीं।

ससुर ने दिया ये गवाही


पुलिस की जाँच पडताल में हर्षिता के ससुर सुशील अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि फैक्ट्री को तातियागंज में शिफ्ट करना है। माल ढुलाई के लिए वह बेटे के साथ सुबह नौ बजे ही फैक्ट्री आ गए थे। 12.35 बजे पत्नी रानू ने फोन कर बताया कि बहू अपार्टमेंट की खिड़की से गिर गई है तो तुरंत हर्षिता के पिता को फोन किया और बेटे को लेकर घर के लिए चल दिए।

सास ने बताई ये बात

सास रानू अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि बारिश बंद होने के बाद जब नौकरानी आई तो मैं एक आवशयक कोरियर करने जाने लगी। उस वक्त बहू सफाई कर रही थी। शायद वह खिड़की के पास कबूतरों की फैलाई गंदगी साफ कर रही थी। मैं कोरियर लेकर फ्लैट के गेट के पास ही पहुंची थी कि नौकरानी के चिल्लाने की आवाज आई। देखा कि बहू खिड़की से नीचे गिर गई थी। नौकरानी ने उसे खींचने की प्रयास की किन्तु वह बचा नहीं पाई। मैंने तुरंत शोर मचाया और नीचे झांककर देखा तो बहू की मौत हो चुकी थी। तब पति को फोन किया।

नौकरानी ने खोल दी ये वास्तविकता


घटना के वक्त फ्लैट में मौजूद नौकरानी शकुंतला एकमात्र चश्मदीद है। उसने पुलिस को बताया कि वह सुबह सवा नौ बजे पहुंची थी। भइया (उत्कर्ष) और उनके पापा (सुशील) जा चुके थे। भाभी (हर्षिता) और मालकिन (रानू) ही फ्लैट में मौजूद थीं। किसी बात पर उनमें विवाद हो रहा था। मालकिन भाभी से कह रही थीं कि नौकरानी को आठ हजार रुपये दिए जाते हैं, कमरे में पड़ी रहती हो, घर का काम नहीं कर सकती। इसके बाद दोनों में नोकझोंक होने लगी। तभी मालकिन ने भाभी को झापड़ मारे। झाड़ू उठाकर उससे भी मारा। तब भाभी कार की चाबी लेकर बाहर जाने लगीं लेकिन मालकिन गेट पर खड़ी हो गईं। मेन गेट बंद कर ताला लगा चाबी अपने पास रख ली। गुस्से में भाभी ने सिर दीवार से टकराने की प्रयास की तो उन्हें रोका। फिर खिड़की से नीचे कूदने लगीं तो उनका हाथ पकड़कर कमरे में ले आई। साढ़े 12 बजे बर्तन धो रही थी, तभी मालकिन चिल्लाईं। मैं दौड़कर पहुंची तो देखा कि भाभी खिड़की से नीचे थीं,

उनके पैर का पंजा व कुर्ता पकड़कर ऊपर खींचने की कोशिश की लेकिन बचा नहीं पाई


कर्नलगंज सीओ जनार्दन दुबे ने बताया कि अपार्टमेंट में लगे कैमरों की फुटेज देखी जाएगी। नौकरानी ने बताया है कि हर्षिता व उसकी सास में झगड़ा हुआ था। इसके बाद हर्षिता ने खिड़की से कूदने की कोशिश की थी। एक बार बचा लिया किन्तु दोबारा नहीं बचा सकी। पिता की तहरीर पर उत्कर्ष, सुशील अग्र्रवाल, रानू, बहन परिधि व बहनोई आशीष के विरुद्ध दहेज हत्या की धारा में रिपोर्ट दाखिल कर जांच की जा रही है।