संन्यास के बाद नौकरी ढूंढ रहे हैं युवराज, तनख्वाह पर नहीं बनी बात

भारत के 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीत के हीरो रहे युवराज सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद अब नौकरी ढूंढ रहे हैं. युवराज सिंह अब अपना सीवी लेकर नौकरी की तलाश कर रहे हैं और इंटरव्यू दे रहें हैं. दरअसल, युवराज सिंह हॉटस्टार स्पेशल पर आ रहे वेबसीरीज द ऑफिस इंडिया में एक्टिंग करते हुए नजर आ रहे है. जिसमें वो चड्डा जी के दफ्तर में नौकरी मांगने जाते हैं.
युवराज सिंह और चड्डा जी के बातचीत होती है. जो बहुत दिलचस्प है. जबकि बाद में युवराज सिंह को चड्डा जी पसंद नहीं आते है और युवराज नौकरी करने से इनकार कर देते हैं. इस इंटरव्यू में चड्डा जी युवराज सिंह से पूछते हैं कि आपने अब तक क्या-क्या बेचा है. जिसका जबाब देते हुए युवराज सिंह ने बताया कि मैंने अब तक गाड़ी, चॉकलेट, टूथपेस्ट, फ्रिज और यहां तक कि इंश्योरेंस भी बेचा है.
युवराज सिंह ने आगे कहा कि आप चाहें तो मैं आपको पेपर भी बेच सकता हूं. इसके बाद चड्डा युवराज से कई सारी चीजों पर साइन करवा लेते हैं. इसके बाद युवराज का थ्रो टेस्ट होता है. इंटरव्यू में युवराज सिंह से क्रिकेट की हिंदी भी पूछी जाती है. जिसके बाद युवराज जवाब देते हुए कहते है, लंब-दंड-गोल पिंड-भाग-दौड़ प्रतियोगिता. जबकि तनख्वाह की बात आते ही चड्डा जी और युवराज सिंह की बात नहीं बन पाती और युवराज सिंह ये नौकरी नहीं करते.
चंडीगढ़ में साल 1981 में जन्मे युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 मैच खेले. टेस्ट में युवराज ने तीन शतकों और 11 अर्धशतकों की सहायता से कुल 1900 रन बनाए हालांकि वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों की मदद से 8701 रन जुटाए. टी-20 मैचों में युवराज ने सब 1177 रन बनाए. इसमें आठ अर्धशतक शामिल हैं. युवराज ने टेस्ट मैचों में 9, वनडे में 111 और टी-20 मैचो में 28 विकेट भी लिए हैं. युवराज ने 2008 के बाद कुल 231 टी-20 मैच खेले हैं और 4857 रन बनाए हैं. उन्होंने टी-20 मैचों में 80 विकेट भी लिए हैं.
भारत ने जब वर्ष 2011 में महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में दूसरी बार आईसीसी वर्ल्ड कप जीता था, तब युवराज एक लड़ाके के रूप में सामने आए थे. युवराज ने उस वर्ल्ड कप में 362 रन (एक शतक और चार अर्धशतक) बनाने के अतिरिक्त 15 विकेट भी हासिल किए थे और चार बार मैन ऑफ द मैच के अलावा प्लेअर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे.
युवराज के लिए वह वर्ल्ड कप खास था क्योंकि जब भारत ने पहली बार वर्ल्ड कप जीता था, तब उनका जन्म भी नहीं हुआ था और जब वह वर्ल्ड चैम्पियन बने तो उन्होंने अपने नाम एक अद्भूत रिकार्ड जोड़ लिया. युवराज पूर्व ऐसे ऑलराउंडर हैं, जिन्होंने किसी विश्व कप में 300 से ज्यादा रन बनाने के अतिरिक्त 15 विकेट भी हासिल किए हों.