लड़की को हुआ जानलेवा कैंसर, बचाने को चिकित्सक ने चेहरे में गुब्‍बारा कर दिया इम्प्लांट

कहा जाता है की यदि इस धरती पर कोई दूसरा भगवन है। तो वो है। डॉक्टर और डॉक्टर को ये दर्जा इसीलिए दिया गया है क्योंकि भगवान एक बार इन्सान को जन्म देता हैं। किन्तु ये डॉक्टर्स हर बार हमारे इस अनमोल जान की रक्षा करते हैं यही कारण है की डॉक्टर्स को धरती का भगवान कहा गया है और इसलिए डॉक्टर्स को बहुत उचा दर्जा दिया जाता है। 
जबकि आजकल भले ही चिकित्सकों के पेशे में व्यवसायिकता हावी हो गई है, इसके बावजूद आज भी हमारे शहर में ऐसे बहुत डॉक्टर हैं। जो आज भी पूरी तरह से मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं। उनके जज्बे को सलाम है, नमन है क्योंकि कभी कभी ये डॉक्टर्स ऐसा चमत्कार कर देते हैं जिसे देखकर प्रत्येक कोई हैरान रह जाता है। आज हम आपको एक ऐसे ही मामला के बारे में बताने वाले हैं जिसे जानकर आप भी ये सोचने पर मजबूर हो जायेंगे की सच में ये किसी चमत्कार से कम नहीं है। 
मरीजों का इलाज करने के इए कभी कभी डॉक्‍टर कुछ नया इस्तेमाल भी करते हैं ।किन्तु  कई बार हमें अजीब तरह के मामले भी देखने को मिलते हैं।डॉक्टर्स इ मरीज़ को बचने की पूरी प्रयास करते है और आखरी दम तक मेहनत करते है किन्तु उसमे कुछ भगवान की भी मर्ज़ी शामिल होती है। आज हम आप को एक ऐसे ही मामले के बारे में बताने जा रहे है जो की चीन का है यहाँ एक डॉक्‍टर ने एक अजीब कार्य किया किया है जो की एक 23 वर्ष की लड़की का है जिसका नाम शाओ यान है और इस लड़की को नामक चेहरे पर बर्थमार्क होने की शिकायत हो गयी थी।
इस लड़की का इलाज सालो से चल रहा था और डॉक्‍टर्स जो की उसका उपचार कर रहे थे उनको ये आशंका हो रही थी की कही उसे कैंसर न हो जाये। और शाओ को काफी वक्त  से बहुत दर्द भी हो रहा था और जब डॉक्टर्स इलाज करते करते परेशां हो गए तब आखिर में डॉक्‍टर ने उसकी त्‍वचा में गुब्‍बारे को ही इंप्‍लांट कर दिया जबकि ये गुब्‍बारे बहुत बड़े आकार के नहीं थे किन्तु फिर भी उनका प्रभाव चेहरे पर देखने को मिलता था।
आप की जानकारी के लिए बता दे की शाओ को असल में कन्‍जेनिटल मिलानोसिटिक नीवस की बीमारी थी जिसके वजह से  त्‍वचा पर काले निशान हो गए थे शाओ के चेहरे पर यह निशान बचपन से ही थे। यह एक दुर्लभ रोग है जो पांच लाख लोगों में से किसी एक को होता है। शाओ का इलाज शंघाई के एक अस्‍पताल में बहुत दिनों तक चला। शाओ की इस हालत के बारे में उनकी माँ का कहना है की वो लोगों से गुहार लगा रही है की वो उनकी बेटी का मजाक न उडाये और शाओ कहती है की बचपन से ही उहे उनके इस निशान के साथ जीने की आदत है और इसी कारण  से वो दुसरो से बिलकुल अलग भी है।
इतने दिनों तक इलाज चलने के बाद भी वहां डॉक्‍टर्स को कुछ समझ में नही आया और उनको ये भी आशंका थी कि कहीं ये बर्थमार्क आगे चलकर कैंसर ना बन जाएं|।ऐसी परिस्थिति में उन्‍होंने कई इस्तेमाल भी किये और आखिरी में उन्‍होंने शाओ के चेहरे में छोटे अंडे की आकार के चार गुब्‍बारे प्रत्‍यारोपित कर दिये।और इस इम्प्लांट के बाद शाओ का चेहरा पूरी तरह बदल गया। जबकि इस प्रक्रिया में आरंभ में काफी दर्द हुआ किन्तु अब उसने इसे अपने जीवन का भाग बना लिया है।और शाओ अब एक आम ज़िन्दगी जी रही है।