इसलिए पत्नी के शव के साथ सड़क पर बैठ गया डॉक्टर, झुकना पड़ गया प्रशासन को...!

शहर के बाहरी इलाके अनैकट्टी में सोमवार को हुए सड़क हादसे road accident में पत्नी की मृत्यु के बाद पेशे से चिकित्सक Doctor डॉ रमेश शव Wife Dead Body के साथ ही सड़क पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि घटनास्थल के पास स्थित शराब की दुकान को बंद हो। स्थानीय लोगों ने भी रमेश की मांगों का समर्थन किया और अंतत: मंगलवार को जिला प्रशासन ने शराब की दुकान liquor Shop को अस्थायी तौर पर बंद करने का आदेश जारी कर दिया। 
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दरअसल, सोमवार दोपहर अनैकट्टी के पास ग्यारहवीं कक्षा में पढऩे वाली बेटी को दुपहिया पर लेकर रमेश की पत्नी घर लौट रही थी। शराब की दुकान से थोड़ी दूरी पर एक दुपहिया वाहन ने उनकी वाहन को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर के वजह से दुपहिया पर सवार मां-बेटी गिर गई। मां काफी दूर जा कर गिरी और हेलमेट पहने होने के बावजूद सिर में चोट लगने से शोभना की मौके पर ही मृत्यु हो गई जबकि शोभना की बेटी शांतला घायल हो गई। 

घायल शांतला को स्थानीय लोगों ने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने पर रमेश भी मौके पर पहुंचे और पत्नी के शव के साथ धरना पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि दुर्घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर चल रही शराब की दुकान को बंद कराया जाए। स्थानीय लोगों का आरोप था कि शराब की दुकान से नशे की हालत में निकले दो युवक दुपहिया पर जा रहे थे और उन्होंने ही शोभना की दुपहिया को टक्कर मारी थी। अक्सर यहां से शराब पीकर लोग निकलते हैं और नशे की हालत में वाहन चलाते हैं जिसके वजह से यहां पर पिछले कुछ दिनों में दुर्घटनाएं बढ़ी हैं।
लोगों के विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की प्रयाश की। करीब पांच घंटे तक लोगों के प्रदर्शन के वजह से यातायात जाम रहा। रात में करीब ९ बजे राजस्व अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की प्रयाश की लेकिन लोग शराब की दुकान बंद करने की मांग पर अड़े रहे। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद लोग इस बात पर प्रदर्शन खत्म करने के लिए राजी हुए कि प्रशासन शराब की दुकान को बंद करने के लिए कदम उठाएगा। प्रशासन के दुकान को वहां से हटाने का लिखित आश्वासन देने के बाद लोगों ने जाम हटाया।

बाद में पत्रकारों से बातचीत में रमेश ने कहा है कि इस इलाके लोग तीन वर्ष से शराब की दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं लेकिन प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। लोगों का दबाव बढऩे पर कुछ दिनों के लिए दुकान बंद कर दिया जाता है। लेकिन कुछ दिनों बाद सब पहले जैसा हो जाता है। मंगलवार को कोयम्बत्तूर उत्तर तहसील के तहसीलदार ने लोगों की शिकायत को देखते हुए उक्त शराब की दुकान को अस्थायी तौर पर बंद करने आदेश दिए। 

रमेश कोयम्बत्तूर से केरल के पालक्कड जिले के अट्टापड्डी की ओर जाने वाले मार्ग पर आदिवासी बहुल छोटे से गांव जम्बूकंडी में रहते हैं। मदुरै चिकित्सा महाविद्यालय से चिकित्सा की शिक्षा हासिल करने के बाद रमेश १९८९ से इसी गांव में प्रैक्टिस करते हैं। स्थानीय लोगों को कहना है कि अट्टापड्डी में शराब प्रतिबंधित होने के वजह से काफी संख्या में वहां के लोग शराब पीने के लिए अनैकट्टी आते हैं।