सरप्लस बिजली के बाद भी हो रही कटौती, मेरे पास खुफिया रिपोर्ट है, मना मत करना..!

मध्य प्रदेश में अधोषित बिजली कटौती को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पॉवर इंप्लाईज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने बताया कि बिजली कटौती को लेकर उनके पास खुफिया रिपोर्ट है. ट्रिपिंग, फॉल्ट या फिर कोई अन्य कारण हो किन्तु सच यह है कि बिजली कट रही है. इसे खारिज मत करो.
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सीएम कमलनाथ ने मीटिंग में कहा आपकी कारण से सरकार को सबसे अधिक आलोचना का शिकार होना पड़ा है. उन्होंने कहा कि आप लोगों की जो भी समस्याएं हैं, उन्हें हल करने के लिए हम तैयार हैं. बिजली उपभोक्ताओं की संतुष्टि सरकार की पहली प्राथमिकता है. इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा. वहीं, एसोसिएशन ने भी सीएम को उम्मीद दिया कि तमाम समस्याओं के वावजूद वे पूरी तत्परता के साथ कार्य में लगे हैं, ताकि बिजली का अबाध आपुर्ति जारी रहे.

सरप्लस बिजली के बाद कटौती क्यों-
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में बिजली सरप्लस है बावजूद इसके कटौती भी हो रही है. यह बात समझ में नहीं आती है. कटौती को लेकर तमाम रिपोर्ट हमारे पास हैं, इसे खारिज मत करो. इस पर बिजली इंजीनियर और कर्मचारियों ने बताया कि सर, हम मना नहीं कर रहे हैं. कर्मचारियों की कमी के साथ कई समस्याएं हैं.

पिछली सरकार बनाती थी दबाव-
मुख्यमंत्री ने पूछा कि मांग और आपूर्ति आपस में समान क्यों नहीं दिख रही है. इस पर एक पदाधिकारी ने बताया कि 2010 में पूर्ववर्ती सरकार हम पर दबाव डालती थी कि मांग बढ़ाकर रखो, ताकि बिजली खरीद सकें. दरअसल, प्रदेश में उत्पादित बिजली और आपूर्ति में जो बड़ा फर्क था उसे अपनी बिजली कंपनियों के साथ हुए करार और अन्य स्थनों से खरीदकर पूरा किया जाता था.