हैरान करता है सोने सा चमकता ये पर्वत, सूर्य की किरणें पड़ते ही बनती है ॐ की आकृति..!

कैलाश मानसरोवर जहां का नाम सुनते ही मन में भक्ति की भावना जागृत हो जाती है। जहां जाना कठिन होता है। लेकिन भगवान शिव के दर्शन करने हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इन कठिन रास्तों की परवाह किए बिना कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाते हैं।
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अगर आप मानसरोवर यात्रा में गए हो तो यहां का एक पर्वत अपने आप में काफी लोकप्रिय है। इसकी खासियत इसमें पड़ने वाली सूरज की रोशनी। सूर्य की पहली किरणें जब कैलाश पर्वत पर पड़ती हैं तो यह पूर्ण रूप से सुनहरा हो जाता है। इतना ही नहीं, कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान आपको पर्वत पर बर्फ से बने साक्षात ॐ के दर्शन हो जाते हैं। कैलाश मानसरोवर की यात्रा में हर कदम बढ़ाने पर दिव्यता का अहसास होता है। ऐसा लगता है मानो एक अलग ही संसार में आ गए हों।
यात्रा हर वर्ष जून से जुलाई के बीच विदेश मंत्रालय के जरिए कराई जाती है। ये पूरी यात्रा के दौरान भक्तों को कदम आगे बढ़ाने पर दिव्यता का एहसास होता है। लगता है दूसरी संसार में आ गए हों। आपको बता दे कि सन 1981 से शुरू मानसरोवर यात्रा का काफी धार्मिक महत्व है। 
हर वर्ष करीब 25 हजार लोगों को यहां ले जाते हैं। हिमालय की पहाड़ियों में कैलाश पर्वतमाला कश्मीर से लेकर भूटान तक फैली हुई है। तिब्बत में स्थित इसके उत्तरी शिखर का नाम कैलाश है। यह शिखर 22,028 फीट ऊंचा पिरामिड है।
ये वर्ष भर बर्फ की सफेद चादर से लिपटा रहता है। यहां से ब्रह्मपुत्र, सिन्धु, सतलुज समेत कई महत्वपूर्ण नदियां निकलतीं हैं। तो इस वर्ष इंतजार क्यों करना। मानसरोवर की इस सुंदर पहाड़ी का दीदार करने निकल जाइए।