सीखिए इस अनपढ़ महिला से, कैसे कमा सकते हैं प्रत्येक वर्ष 72 लाख रुपये

अगर कुछ करना चाहते हैं, जो लगन जरूरी है। क्योंकि पढ़ लिख कर आज भी लाखों लोग बेकार घूम रहे हैं और कुछ न कर पाने के लिए हजारों बहाने भी उनके पास हैं। किन्तु गुजरात की एक महिला ने इस मिथक को तोड़ दिया है। यह महिला न तो पढ़ी लिखी है और न ही शहर में रहती है, किन्तु प्रत्येक माह 6 लाख रुपये की कमाई कर रही है। उसकी देखा-देखी गांव में कई लोग और भी इस कार्य में जुट गए हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं। इस बेमिशाल महिला का नाम कानुबेन रावतभाई चौधरी है।

किस गांव की है कानुबेन पटेल
कानुबेन रावतभाई चौधरी एक ग्रामीण महिला हैं और अनपढ़ हैं। किन्तु उनका कामकाज पढे लिखे लोगों के लिये प्रेरणा बन रहा है।। वह गुजरात में बनासकांठा जिले में धानेरा स्थित चारडा गांव में रह रही हैं और यहां ही अपना कारोबार कर रही हैं। यह गावं राजस्थान के पास है। इनके कार्य को देखते हुए कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कानुबेन चौधरी को सम्मानित किया है। पालनपुर में 69वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कानुबेन को सम्मानित किया गया था।

पशुपालन ये है कानुबेन का कारोबार
कानुबेन पशुपालन के कारोबार को करती हैं। उनमें उनके पास कई सारी गाय हैं। इनके जरिए वे प्रत्येक साल तकरीबन 75 लाख रुपये तक कमा लेती हैं। वैसे कानुबेन का पूरा नाम कानुबेन रावतभाई चौधरी है। कुछ वर्ष पहले उनके पास 8 से 10 पुश थे, किन्तु अब उनके पास 80 से ज्यादा शंकर गाय और 40 भैंस हैं, जिनके माध्यम से वह दूध का कारोबार कर रही हैं। वह प्रतिदिन 600 से 1000 लीटर दूध का उत्पादन करती हैं। यह दूध बनास डेयरी को भेजा जाता है। इससे उनको हर माह तकरीबन 6 लाख रुपये कमाई होती है।

ऐसे होती है जानवरों की सेवा
जानवरों को रोज सुबह फव्वारे से नहलाया जाता है। इसके अतिरिक्त पशुओं के लिए साफ पीने का पानी और अच्छा भोजन उपलब्ध कराया जाता है। पशुधन के लिए हरी घास पाँच एकड़ भूमि में लगाई जाती है। इतनी बड़ी संख्या में जानवरों का प्रबंधन करने के लिए आनंद डेयरी और बनास डेयरी से उन्होंने जानकारी हासिल की है। यहां पर पशुओं का दध स्वचालित मशीनों से निकाला जाता है। अधिक गर्मी के मौसम में पशुओं ठंडक देने के लिए कूलर की भी सुविधा है।

मिल चुके हैं कई सारे सम्मान
  • कानुबेन कई बार सम्मानित किया जा चुका है। 
  • एक बार तो उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री ने भी सम्मानित किया है।
  • पालनपुर में 69वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी द्वारा कानुबेन को सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2016 में बान्ड डेयरी पालनपुर द्वारा बानस लक्ष्मी अवार्डवर्ष 2017 में एनडीडीबी आनंद द्वारा उत्कृष्ट महिला दुग्ध उत्पादक पुरस्कारबानस डेयरी द्वारा बानस लक्ष्मी अवार्ड
  • पशुपालन विभाग द्वारा बेस्ट एनिमल वेटरन सर्टिफिकेट
  • आर्बुदा युवा फाउंडेशन धनेरा द्वारा सर्वश्रेष्ठ पशु चिकित्सा प्रमाणपत्र
  • महिंद्रा समृद्धि, अहमदाबाद द्वारा कृषि प्रेरणा सम्मान