सदियों पुरानी मस्जिद की खुदाई पर मिले ख़ुफ़िया रास्ते, जानिए क्या हैं इनका राज…!

“विविधता में एकता” का अर्थ है अनेकता में एकता। कई वर्षों से इस अवधारणा को सिद्ध करने वाला भारत एक श्रेष्ठ देश है । भारत एक ऐसा देश है जहाँ पर “विविधता में एकता” देखने के लिये ये बहुत स्पष्ट है क्योंकि अपने धर्म के लिये एक-दूसरे की भावनाओं और भरोसे को बिना आहत किये कई कई धर्मों, नस्लों, संस्कृतियों, और परंपराओं के लोगों का एक साथ रहते हैं।

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मनोवैज्ञानिक, वैचारिक, राजनीतिक, धार्मिक, बहु-भाषी, शारीरिक, सामाजिक, सांस्कृतिक आदि के ढ़ेर सारे भिन्नताओं के बावजूद भी एकता के अस्तित्व पर “विविधता में एकता” ध्यान केन्द्रित करता है। अधिक विविधता से एकता में अधिक जटिलता होती है। नस्ल, धर्म, जाति, उप-जाति, समुदाय, भाषा और बोली की अधिक अनेकता के बावजूद भी भारत में लोग एक हो के रहते हैं। भारत में लोग बहुत ही आध्यात्मिक और स्वाभाव में भगवान से डरने वाले होते हैं इसलिये वो सभी के धर्म को आदर देते हैं।

भारत देश में हिंदुओं के लिए लाखों मंदिर है तो मुसलमानों के लिए लाखों मस्जिदें भी है जहां हिंदू मंदिरों में जाकर पाठ पूजा करते हैं वही मुसलमान लोग मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ा करते हैं और अपने खुदा को याद करते हैं। हर मंदिर में भगवान की एक मूरत होती है किन्तु मस्जिदों में कोई मूर्ति या तस्वीर नहीं होती है बल्कि पश्चिम की तरफ मुंह करके मुसलमान लोग खुदा की इबादत करते हैं और नमाज अदा करते हैं। क्या आप जानते हैं भारत एकलौता एक सबसे बड़ा गैर इस्लामिक देश है जहां पर 300000 से भी अधिक मस्जिदें बनाई गई है। इतनी बड़ी संख्या में मस्जिद संसार के किसी भी देश में नहीं है जितनी भारत में है। शायद आप नहीं जानते होंगे कि दुनिया की सबसे पहली मस्जिद अरब में बनी थी जिसे काबा या मक्का मदीना के नाम से जाना जाता है और ऐसी मान्यता है कि प्रत्येक मुसलमान का एक बार वहां पर जाना बेहद आवश्यक होता है।

मुसलमानों का सबसे पवित्र स्थल के रूप में मक्का मदीना को देखा जाता है और मक्का मदीना का निर्माण होने के बाद ही अलग-अलग देशों में मस्जिद बनाने का काम शुरू किया गया। किन्तु हम आपको मक्का मदीना के बारे में नहीं बल्कि मध्यप्रदेश में एक निर्माणाधीन मस्जिद के बारे में बताने वाले हैं जिसके निर्माण के वक्त खुदाई करते वक्त मिला कुछ ऐसा कि सब देखकर हैरान रह गए। जी हां इस खबर को पढ़ने के बाद और यह वीडियो देखने के बाद आप भी अचंभे में रह जाएंगे। बताया जा रहा है कि बीते गुरुवार को ADM मंडेला मध्यप्रदेश में एक मस्जिद में पहुंचे जहां पर निर्माण का कार्य चल रहा था वहां पर खुदाई के दौरान बहुत से खुफिया रास्ते और सुरंगे मिली हैं जिन्हें देख कर पता चलता है कि वह 18वीं शताब्दी के दौरान बनाई गई थी।

ADM मंडेला द्वारा ऐसा बताया जा रहा है कि इस बात की जानकारी तो पूरी जांच पड़ताल के बाद ही पता चलेगी कि यह खुफिया रास्ते किसने बनवाए थे और क्यों ? मजदूरों द्वारा इस मस्जिद के निर्माण की खुदाई करते वजट 18 फीट गहरे गड्ढे के अंदर ईटो से बना हुआ रास्ता नजर आया जिसकी सूचना मजदूरों ने जाकर ठेकेदार को दी और ठेकेदार ने पुलिस प्रशासन को खबर कर वहां तुरंत बुलवाया। उसके पास से ही उस खुफिया रास्ता और तहखाने की जांच पड़ताल की जा रही है यह पता लगाने के लिए कि यह कितने वर्ष पुराना और किस कारणवश बनाए गए हैं।

New source : Amarujala

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