मंगलवार और शनिवार की हनुमान जी की पूजा में भूलकर भी ना करें ये गलतियां, पड़ेगा पछताना…!

मंगलवार और शनिवार का दिन हनुमान जी की पूजा के लिए ख़ास होता है। यदि कुंडली में मंगल दशा खराब चल रही ह तो मंगल की पूजा करें और अगर शनि की दृष्टि खराब चल रही हो तो शनिवार को हनुमान जी की पूजा की जाती हैं। हनुमान जी के लिए कहा गया है कि और देवी देवता आपकी प्रार्थना थोड़े देर से सुन सकते हैं, किन्तु भक्त जब भी हनुमान जी को सच्ची श्रद्धा से स्मरण करता है तो हनुमान जी उस पर अपनी कृपा अवश्य दिखाते हैं। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि हनुमान जी की पूजा में कोई गड़बड़ी ना हो। हनुमान जी की पूजा में की गई गड़बडी से बड़ी समस्या सामने आ जाती हैं। आपको बताते है कि किन बातों का ध्यान रखना है।

काला और सफेद निषेध

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इस बात को बहुत से लोग समझ नहीं पाते हैं, किन्तु कभी भी सफेद या फिर काला रंग भूलकर भी पहनकर हनुमान जी की पूजा ना करें। इन रंगों से हनुमान जी को चिढ़ हैं। हनुमान जी को लाल और केसरिया रंग प्रिय है और इसलिए इनकी पूजा करते वक्त लाल, केसरिया या पीले रंग के ही वस्त्र पहनते हैं या फिर दान करते हैं।

नमक ना खाएं

यदि हनुमान जी के व्रत का संकल्प लिया है तो फिर व्रत वाले दिन नमक भूलकर भ ना खाएं। व्रत वाले खाने में भी कुछ मीठा खा सकते हैं, किन्तु नमक का सेवन ना करना ही ठीक रहेगा।

मंदिर में दर्शन

यदि हनुमान जी के नाम पर व्रत कर रहे हों तो सुबह और शाम हनुमान जी के मंदिर में दर्शन करने अवश्य जाए। बिना हनुमान जी के दर्शन के उनके पूजा का फल नहीं मिलता। मंदिर जाने का अर्थ यह नही है कि बहुत दूर चलकर ही जाना होगा। पास कि किसी मंदिर में जाकर भी दर्शन कर सकते हैं।

मांस और शराब निषेध

यदि हनुमान जी की पूजा और व्रत का संकल्प लिया है तो व्रत वाले दिन भूलकर भी शराब ना पिएं और मीट मांस का सेवन तो बिल्कुल ही ना करें। घर वालों से भी कह दें कि इस दिन भोजन में ये ना पकाएं और ना स्वयं शराब का सेवन करें ना ही परिवार में कोई शराब का सेवन करें।

श्रद्धा से करे पूजा

हनुमान जी की पूजा सदैव श्रद्धा भाव से करें। यदि पूजा के दिन आपका मन नहीं लग रहा या फिर तबीयत खराब लग रही है तो पूजा ना करें। बेमन से या इधर-उधर देखते हुए पूजा ना करें। केवल सच्ची श्रद्धा औऱ भक्ति से हनुमान जी के पूजा का फल मिलता है।

चरणामृत ना चढ़ाए

यदि हनुमान जी की पूजा कर रहे हों तो प्रसाद में चरणामृता का इस्तेमाल ना करें। आपने देखा होगा कि हुनमान जी के प्रसाद में लडडू रहता है, किन्तु चरणामृत नहीं रहता है। इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

टूटी मूर्ति की ना करें पूजा

किसी भी भगवान की और विशेषकर हनुमान जी की टूटी मूर्ति या प्रतिमा की पूजा नहीं करना चाहिए। उनकी पूजा वर्जित मानी जाती है। इस वजह से भूलकर भी घर में ऐसी मूर्ति ना रखें और ना ही पूजा करें।

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